कालिम्पोंग   
गोरखा समाज की बेटी आशा रोका ने पिछले सप्ताह बुल्गारिया में चल रही आईबा महिला जूनियर विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर एक नया इतिहास कायम किया हे । मप्र राज्य अकादमी भोपाल की बाक्सर १४ साल की आशा रोका ने बुल्गारिया में खेली जा रही वर्ल्ड बाक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। आशा को सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की एसाइल असाकारोवा के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। आशा रोका के कोच रोशनलाल ने उम्मीद जताई कि यह जूनियर बाक्सर जल्दी ही मैरीकाम की तरह देश के लिए सोना जीतेगी। आशा में मेरी जैसी ही प्रतिभा है। आशा भोपाल स्थित राज्य सरकार के खेल एवं युवक कल्याण विभाग द्वारा संचालित तात्या टोपे स्टेडियम में नियमित अभ्यास करती हैं। आगे भी भविष्य में भारत को इस गोरखा बेटी से बहुत सी उम्मीदें है उनके कोच ने कहा । वही पदक जीतकर लौटी जूनियर बॉक्सर आशा रोका का भोपाल में जोरदार स्वागत किया गया। उन्हें पहले एयरपोर्ट पर फिर राज्य बॉक्सिंग अकादमी (तात्या टोपे स्टेडियम) में फूल मालाओं से सम्मानित किया गया। आशा एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने हाल ही में संपन्न हुई वर्ल्ड बाक्सिंग में भारत के लिए पदक जीता।